Raj Bhasha

सत्र 2015-16

ग्रीष्म अवकाश के दौरान विद्यालय  का संसदीय समिति द्वारा  निरिक्षण किया गया |

दिनाक २६.०६.१३ को अपराहन‌ २.३० पर विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में विद्यालय में हिंदी कार्यान्वयन समिति की गोष्ठी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या श्रीमती संगीता शर्मा की। गोष्ठी के अंतर्गत मुख्य रूप से यह चर्चा की गई कि आगामी तिमाही रिपोर्ट में हिंदी में पुस्तकालय के लिए हिंदी पुस्तकों में वृद्धि की जाए तथा प्रार्थना सभा में विशेष प्रस्तुति हिंदी में दी जाए, पत्र-पत्रिकाओं की संख्या बढ़ाई जाए,विद्यालय में होने वाली प्रतियोगिताओं में राजभाषा को विशेष महत्व दिया जाए,विद्यालय की दिवारों पर अधिक मात्रा में सुविचार लिखे जाएं।समय समय पर हिंदी के प्रमुख रचनाकारों की रचनाओं को पढ़ने के लिए छात्रों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए।

दिनाक २८.०३.१३ को प्राचार्या श्रीमती संगीता शर्मा की अध्यक्षता में हिंदी कार्यान्वयन समिति की गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें यह निर्णय लिया गया कि कार्यालय में पत्राचार के लिए ८०% से अधिक कार्य हिंदी में किया जाए। चूंकि विद्यालय में सभी को हिंदी का कार्य साधक ज्ञान है, इसलिए आगामी तिमाही में हिंदी पत्राचार में वृद्धि की जाए तथा हिंदी में कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाए।

सत्र २०१२-१३

दिनाक 31.01.2012 का. वा. प्राचार्य श्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन  समिति की एक गोष्ठी आयोजित की गई जिसमे सत्र में हुई हिंदी की गतिविधियों पर चर्चा की गई जिसमे पाया गया कि विद्यालय में सभी कर्मचारियों को राजभाषा का कार्य साधक ज्ञान है । विद्यालय में 80% से अधिक कार्य हिंदी मे किया जाता है, तथा जो पत्र हिंदी में प्राप्त होते हैं उनका उत्तर हिंदी में दिया जाता है। राजभाषा नियम के अंतर्गत हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत वाद विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, अंतयाक्षरी प्रतियोगिता तथा  नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। कु0 शिवानी नेगी, स्वप्निल विष्ट प्रशांत चंचल को महत्वपूर्ण योगदान के लिये सम्मानित किया गया, सब स्टाफ कर्मचारिओं के लिये एक निबन्ध प्रतियोगिता अयोजित की गई जिसमें कमलेश कुमार, बेसर सिंह को विशेष रूप से पुरस्कृत  किया गया । राजभाषा का स्तर सुधारने के लिये हिंदी में प्रात:कालीन  सभा मे सुविचार  एवम विशेष कार्यक्रमों पर बल दिया जाता है। साथ ही साथ विद्यालय में हिंदी की पुस्तकों की संख्या अंग्रेजी से अधिक है। हिंदी मे समाचारपत्र एवम पत्रिकाएं पुस्तकालय में उप्लब्ध हैं।